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12 Apr 2018

देश में आंधी-तूफान ने मचाई तबाही, यूपी और राजस्थान में 18 की मौत

April 12, 2018 0


नई दिल्ली, (जेएनएन)। मौसम ने गुरूवार रात एक बार फिर करवट ली। अचानक घने बादल छाने व बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया। दिल्ली-NCR में रात भर जमकर बारिश हुई। कई इलाकों में ओले भी गिरे। इस बारिश ने गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत दी है। मौसम में आए इस बदलाव की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बारिश का यातायात पर भी काफी असर पड़ रहा है। बारिश की वजह से जगह-जगह जाम लगा हुआ है। जाम की वजह से सुबह ऑफिस जाने वालों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश में 18 की मौत

उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बुधवार को लगातार चौथे भी आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने कहर बरपा। इस दौरान तीन मासूमों समेत 18 लोगों की जान चली गई। इतना ही नहीं कई राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गईं। उधर, वादी में बर्फबारी व बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। अलबत्ता, दिल्ली में मौसम सामान्य रहा।

राजस्थान में 12 लोगों की मौत

बारिश और आंधी तूफान ने राजस्थान में भी कहर बरपाया है। यहां ना सिर्फ किसानों की फसल तबाह हो गई है बल्कि अलग-अलग घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई। खबरों के अनुसार राजस्थान के धौलपुर में जहां 7 लोगों की मौत हुई है वहीं भरतपुर में 5 लोगों की जान चली गई। बारिश के कारण आगरा-धौरपुर ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है।

वादी में हिमस्खलन का खतरा

वादी के उच्च पर्वतीय इलाकों में तीन दिनों से बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में चौथे दिन भी बारिश होती रही, जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटों के दौरान वादी में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई है। ताजा बर्फबारी के चलते उच्च पर्वतीय इलाकों में हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है।

हिमाचल में झड़ गए सेब के फूल, बागवान मायूस

हिमाचल के अधिकांश हिस्सों में अप्रैल में बारिश व ओलावृष्टि से किसान-बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। तीन दिन से हो रही बारिश व तेज हवाओं से गेहूं व जौ की फसल खेतों में ढह गई है। प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने सेब बागवानों की कमर तोड़ दी है। सेब के फूल झड़ने से बागवान मायूस हैं। गुठलीदार फलों सहित नींबू प्रजाति के फलों आम, लीची को भी नुकसान पहुंचा है।

आंधी-तूफान से ताजमहल को पहुंचा नुकसान

उत्तर प्रदेश में चौबीस साल का रिकार्ड तोड़ने वाले तूफान के आगे मुगलकालीन ताजमहल भी कांप उठा। रॉयल गेट के ऊपर लगा करीब 12 फीट ऊंचा पिलर टूटकर गिर पड़ा। दक्षिणी गेट के पर लगा आठ फीट ऊंचा पिलर भी टूट गया। सरहिदी बेगम (सहेली बुर्ज) के मकबरे की छत का गुलदस्ता नीचे आ गया। परिसर में कई पेड़ धराशायी हो गए हैं।

बारिश बनी किसानों की आफत

किसानों के लिए यह बारिश आफत बन चुकी है। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों को बड़ा झटका दिया। बारिश का पानी खलिहानों में रखे गेहूं के बोझ के नीचे तक चला गया। किसानों का मानना था कि अगर तेज बारिश हुई तो सीधा फर्क गेहू उत्पादन पर पड़ेगा। कटी कटाई और पकी पकाई फसल मंडियों में पहुंच चुकी है और खुले आसमान के नीचे भीग रही है।

बारिश में बिजली गुल

बेमौसम बारिश ने गुरुवार तड़के आधे बिजली गुल कर दी। जगह फाल्ट हुए और लाइन में तकनीकी खराबी आ गई। उनकी मरम्मत के लिए कई घंटों तक सप्लाई बाधित रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

शिमला में ओलावृष्टि

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अप्रैल में बारिश व ओलावृष्टि से किसान-बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। तीन दिन से हो रही बारिश व तेज हवाओं से गेहूं व जौ की फसल खेतों

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उन्नाव केस का कच्चा चिट्ठा: 260 दिन बाद FIR, माननीय को बचाने का ऐसे चलता रहा खेल

April 12, 2018 0

उन्नाव गैंगरेप केस में आरोपी बीजेपी विधायक के खिलाफ 260 दिन बाद केस दर्ज होने के बाद यूपी सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला किया है. इस केस की जांच अब सीबीआई के हवाले कर दी गई है. इससे पहले कल हुई एसआईटी जांच पर पुलिस, प्रशासन और अस्पताल स्तर पर बड़ी लापरवाही सामने आई है. लेकिन आरोपी विधायक की गिरफ्तारी के सवाल पर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह कहा कहना है कि वह अभी सिर्फ आरोपी हैं. उनके गिरफ्तारी का फैसला सीबीआई करेगी.

इस केस के बारे में जानकारी के लिए यूपी के प्रधान सचिव गृह अरविंद कुमार और डीजीपी ओपी सिंह सामने आए. अरविंद कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई थी, जिसमें एडीजी लखनऊ जोन शामिल थे. उन्होंने पीड़िता, उसकी मां और आरोपी विधायक पक्ष के बयान दर्ज किए. तीन स्तर पर जांच की गई है. पहली जांच एसआईटी, दूसरी डीआईजी जेल और तीसरी डीएम उन्नाव को सौंपी गई थी. इसमें कई स्तर पर लापरवाही सामने आई है.

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि विधायक जी के खिलाफ दोष साबित नहीं हुआ है. उनके खिलाफ सिर्फ आरोप लगा है. पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर उन पर आईपीसी की धारा 363, 366, 376, 506 और पॉक्सो कानून के तहत केस दर्ज किया गया है. इस केस की जांच की सिफारिश सीबीआई से की गई है. इस मामले की जांच अब सीबीआई ही करेगी और विधायक को गिरफ्तार करना है या नहीं यह उसका फैसला होगा. डीजीपी ने आरोपी को 'माननीय विधायक' भी बोला है.

एसआईटी जांच में निम्नलिखित बातें सामने आई हैं...

4 जून 2017: पीड़िता को आरोप है कि इस दिन बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उनके लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया.

11 जून 2017: पीड़िता अपने घर से गायब हो गई

12 जून 2017: उसकी मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता को औरेया से बरामद किया. इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया. जज के सामने धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराया गया.

1 अगस्त 2017: उन्नाव पुलिस ने इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी. इसके बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया.

30 जून 2017: पीड़िता के चाचा उसे लेकर दिल्ली गए. वहां पीड़िता ने अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया.

17 अगस्त 2017: उन्नाव वापस आकर पहली बार पीड़िता ने गैंगरेप से संबंधित तहरीर थाने में दी. पुलिस ने जांच के बाद जज के सामने धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कराया. इस बयान में पीड़िता ने आरोपी विधायक का नाम नहीं लिया था.

3 अप्रैल 2018: पीड़िता के पिता से साथ मारपीट की गई. जेल में पेट दर्द की शिकायत और खून की उल्टियां करने के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इसके बाद डीआईजी जेल लव कुमार और डीएम उन्नाव के इस मामले की जांच सौंपी गई.

इस मामले की जांच सीबीआई के हवाले

प्रधान सचिव गृह अरविंद कुमार ने बताया कि डीआईजी जेल और डीएम की जांच में पाया गया कि पीड़िता के पिता का इलाज ठीक से नहीं किया गया. जेल अस्पताल और जिला अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई. पीड़िता के पिता का मेडिकल भी ठीक से नहीं किया गया था. इस मामले त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल के CMS सहित तीन अन्य डाक्टरों के खिलाफ विभागिय कार्रवाई की गई है. 4 जून और 3 अप्रैल की घटना के संबंध में केस दर्ज करते हुए सीबीआई को जांच दी गई है.

विधायक पर गैंगरेप-हत्या का आरोप

गैंगरेप पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ 4 जून 2017 को बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उनके साथियों ने गैंगरेप था. उसने बीजेपी विधायक से रेप का विरोध किया, तो उसने परिवार वालों को मारने की धमकी दी. जब वो थाने में गई तो एफआईआर नहीं लिखी गई. इसके बाद तहरीर बदल दी गई. वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ गई. मुख्यमंत्री से आरोपी विधायक की शिकायत की थी. उन्होंने इंसाफ का भरोसा दिलाया था, लेकिन एक साल बाद भी इस केस में कोई कार्रवाई नहीं की गई.

पीड़िता के पिता की हुई बर्बर पिटाई

आरोप है कि बीजेपी विधायक के भाई और उसके साथियों ने केस वापस लेने के लिए पीड़िता के पिता पर दबाव बनाया. वह जब नहीं माने, तो तो विधायक के लोगों ने उनको बहुत मारा. उनको घसीटकर ले गए. पीटने के बाद उन्हें अपने घर के बाहर फेंक दिया. इसके बाद उन्हें जेल में बंद कर दिया गया. जेल में पीड़िता के पिता को पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां हुईं. इस पर उसे तुरंत जिला अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गई.

चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

इधर, इंसाफ नहीं मिलने पर पीड़िता ने लखनऊ स्थित सीएम आवास पर आत्मदाह की कोशिश की, लेकिन उसे बचा लिया गया. इस मामले के तूल पकड़ते ही पुलिस और प्रशासन तेज हो गया. उन्नाव पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि के निर्देश पर इस मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलम्बित कर दिया गया. जांच के लिए एसआईटी गठित की गई.
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11 Apr 2018

एक साथ जली 12 बच्चों की चिताएं, जिसने देखा उसकी रूह कांप उठी

April 11, 2018 0

हिमाचल के कांगड़ा जिले के नूरपुर में एक स्कूल बस के खाई में गिरने से 30 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में 27 बच्चे थे. इन सभी का अंतिम संस्कार कल हुआ


मरने वाले लोगों में सबसे ज्यादा 13 बच्चे खुवाड़ा से थे. जब इन बच्चों की अंतिम यात्रा निकली तो हर घर में मातम छा गया. लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखी.


हर तरफ मायूसी छाई रही. हजारों की तादाद में लोग इस अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे.

मालूम हो कि खवाड़ा करीब 50 परिवारों का गांव है, लेकिन 12 शवों वाले इस गांव में बलोरियां और पठानिया दो अलग-अलग बस्तियों में 12 शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया.
इस गांव में रहने वाले 70 फीसदी लोग आसपास के नहीं हैं. दूर-दूर से जिसे भी इनका पता चला वे इस गांव में दौड़े चले आए.
नाले के एक तरफ चार और दूसरी तरफ तलहटी पर 8 अलग-अलग शवों को एक साथ ही मुखाग्नि दी गई. लोग वहां बिलख-बिलख कर रो रहे थे.

इतने सारे घरों के चिरागों के लिए रोते परिजनों को जिसने देखा, उसका कलेजा मुंह को आ गया. कुछ बच्चों के साथ उनकी स्कूल ड्रेस भी लोगों ने चिता पर रखी
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मार्क जकरबर्ग का केजरीवाल स्‍टाइल: पहले गलती, फिर माफी

April 11, 2018 0

इन द‍िनों दो लोग हर जगह सॉरी कहते द‍िखाई दे रहे हैं. एक द‍िल्‍ली के सीएम अरव‍िंद केजरीवाल तो दूसरे फेसबुक के सीइओ मार्क जकरबर्ग. फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग डेटा लीक केस में अमेरिकी कांग्रेस के सामने मंगलवार को पेश हुए और माफी मांगी. केजरीवाल भी मानहान‍ि के मामलों में कई विपक्षी नेताओं से लगातार माफी मांग रहे हैं.

ऐसे में गलती करके मार्क जकरबर्ग के माफी मांगने की तुलना केजरीवाल स्‍टाइल से की जा रही है. आइए जानते हैं कब-कब मार्क जकरबर्ग ने मांगी माफी.

कबूली गलती

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की मदद करने वाली एक फर्म ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ पर लगभग 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स के निजी जानकारी चुराने का आरोप लगा है. डेटा लीक के आरोप लगने के बाद से फेसबुक के मार्क जकरबर्ग भी इस मामले में कई देशों के संसद और कानून के न‍िशाने पर हैं. ऐसे में इस मामले के बाहर आने के बाद सबसे पहले मार्क ने फेसबुक पर पोस्ट के जरिए सफाई दी थी. 21 मार्च के उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि कंपनी ने इस मामले में अभी तक कई कदम उठाए हैं और आगे भी कड़े कदम उठा सकती है. जकरबर्ग ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के मामले में अपनी गलती कबूली थी.

इसके बाद कुछ द‍िनों में मार्क जकरबर्ग की ओर से और कुछ पोस्‍ट आए, जिसमें गलती स्‍वीकार करते हुए फेसबुक की ओर से डेटा को और सुरक्षित बनाने का वादा किया गया.

सॉरी बोलकर भी माफी मांगने से बचते रहे जकरबर्ग

जकरबर्ग ने सीएनएन को इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने कई ऐसी बाते कहीं हैं जिससे ऐसा लगा है क‍ि ऐसे मामले सुलझाने आसान नहीं हैं. इस इंटरव्यू को पूरा देखने के बाद ऐसा लगता है सॉरी बोलने के बावजूद भी जकरबर्ग माफी मांगने में नाकामयाब रहे हैं . उन्होंने इंटरव्यू के दौरान यह माना था कि फेसबुक की तरफ से गलती हुई है और इसे काफी पहले ही ठीक करना चाहिए था. मार्क जकरबर्ग ने यहां तक कहा कि हमारे पास यूजर डेटा को बचाने की जिम्मेदारी है और अगर हम ऐसा नहीं कर सकते तो हम आपके (यूजर्स) के लायक नहीं हैं.

मार्क जकरबर्ग ने सॉरी कहा था और यह भी कहा कि कंपनी ने ऐप डेवेलपर्स को अपनी पुरानी वेबसाइट से ज्यादा यूजर्स डेटा देकर बड़ी गलती की है. उनका मानना है कि कैम्ब्रिज ऐनालिटिका जैसी कंपनी पर आंख बंद करके भरोसा करना भी एक गलती थी.

ब्र‍िटेन के अखबारों में विज्ञापन देकर मांगी माफी

डेटा लीक मामले में आलोचना का सामना कर रहे फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने एक बार फिर माफी मांगी थी. जकरबर्ग ने ब्रिटेन के सभी अखबारों में पूरे पन्ने का विज्ञापन निकाल माफी मांगी. विज्ञापन में जकरबर्ग ने लिखा है कि आपकी जानकारी को संभाल कर रखना हमारी जिम्मेदारी है, अगर हम उस जिम्मेदारी को नहीं निभा पाते हैं तो हम आपकी सेवा के लायक नहीं हैं. जकरबर्ग की तरफ से ये विज्ञापन ब्रिटेन के सभी अखबारों के संडे एडिशन में दिया गया है. ब्रिटेन के अलावा कई अमेरिकी अखबारों में भी जकरबर्ग का माफीनामा छपा है.

मार्क जकरबर्ग ने विज्ञापन में लिखा कि एक यूनिवर्सिटी रिसर्चर के द्वारा एक एप्लिकेशन बनाई गई, जिसके जरिए फेसबुक के कई यूजर्स का डेटा चोरी हुआ. ये लोगों के विश्वास के साथ धोखा था, इस समय आप सभी से माफी मांगने के अलावा मैं कुछ नहीं कर सकता. लेकिन हम लगातार एक्शन ले रहे हैं और हमारी कोशिश है कि आगे से ऐसा कभी ना हो.

सीनेट में पेश होने से पहले माफीनामा जारी हुआ

अमेरिकी कांग्रेस में पेश होने से पहले मार्क जकरबर्ग ने सिनेटरों से मुलाकात की थी. साथ ही डेटा लीक मामले में माफीनामा भी जारी किया. इस माफीनामे को यूएस हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमिटी ने जारी किया है. सोमवार को कांग्रेस के लिए जारी लिखित बयान में फेसबुक सीईओ ने माफी मांगी थी कि इस सोशल मीडिया नेटवर्क ने डेटा मिसयूज को रोकने लिए ज्यादा कुछ नहीं किया.

फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग ने माफीनामे में कहा था कि उन्होंने फेसबुक की शुरुआत की, वह उसे चला रहे हैं और वहां जो कुछ भी होता है, उसके लिए वह जिम्मेदार हैं. साथ ही मार्क ने कहा कि फेसबुक डेटा को सुरक्ष‍ित करने के लिए और ज्यादा निवेश करेगा और इससे फेसबुक आगे भी बढ़ेगा, ऐसा उन्हें पूरा विश्वास है. फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग ने अपने माफीनामे में जिक्र किया है कि विज्ञापनदाता और डेवलपर्स कभी भी फेसबुक के लोगों से कनेक्ट करने के मिशन से ऊपर नहीं होगा.

कांग्रेस में स्‍वीकार की गलती, मांगी माफी

बीती रात फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश हुए और उन्होंने ढेरों सवालों के जवाब दिए. इस दौरान US सीनेटर्स ने उनसे कई तीखे सवाल पूछे. पूछताछ के दौरान एक बार फिर मार्क जकरबर्ग ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी. जकरबर्ग पहले भी उपयोगकर्ताओं और जनता से कई बार माफी मांग चुके हैं लेकिन यह उनके करियर में पहली बार है जब वह कांग्रेस के सामने उपस्थित हुए हैं. सुनवाई में जकरबर्ग ने अपनी कंपनी में लोगों का भरोसा बहाल करने का प्रयास किया.

उन्होंने कहा , 'हमने अपनी जिम्मेदारियों पर पर्याप्त रूप से बड़ा नजरिया नहीं अपनाया और यह बड़ी भूल थी.’’ जकरबर्ग ने कहा कि यह मेरी भूल थी और मुझे इसका अफसोस है, मैंने फेसबुक शुरू किया , मैंने इसे चलाया और यहां जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं जिम्मेदार हूं. इसके अलावा कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को सतर्क करना भी शुरू किया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने उनका डेटा एकत्रित किया है.' इस दौरान 44 सेनेटर्स ने उनसे बारी बारी से सवाल पूछे. सभी सवालों के जवाब के लि‍ए 5 मिनट दिए गए थे. ये सुनवाई करीब 5 घंटे तक चली.

भवि‍ष्‍य में भी मांग सकते हैं माफी

केजरीवाल द्वारा मजीठ‍िया, अरुण जेटली, गडकरी आद‍ि कई लोगों से माफी मांगने के बाद मानहान‍ि के कई केस खत्‍म होने वाले हैं. हालांक‍ि फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग के बारे में ऐसा नहीं कहा जा सकता है.

ब्रुसेल्स में यूरोपियन यूनियन के प्रवक्ता से भी नई जानकारी मिली है कि यूरोपियन यूनियन के 2.7 मिलियन यूजर्स को इस डेटा स्कैंडल ने प्रभावित किया है. फेसबुक ने इस बात की पूष्टि की है. साथ ही ब्र‍िटेन के संसद में भी मार्क जकरबर्ग को सवाल जवाब करने के लिए बुलाने की बात कही जा रही है. भारत के आईटी मंत्री रव‍िशंकर प्रसाद ने भी कहा था क‍ि अगर डेटा लीक केस में फेसबुक के खि‍लाफ सबूत म‍िलते हैं तो मार्क जकरबर्ग को समन कि‍या जा सकता है. ऐसे में भारत, ब्र‍िटेन और दूसरे यूरोप‍ियन देश मार्क जकरबर्ग को समन कर सकते हैं और वे माफी मांगते द‍िख  सकते हैं.

दूसरे मामलों में मांग चुके हैं माफी

अक्‍टूबर 2017 की शुरुआत में फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग ने इस सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म के नकारात्मक प्रभावों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी. उन्होंने कहा, इसका इस्तेमाल लोगों को एकजुट करने के बजाए उनमें फूट डालने के लिए किया गया, जिसके लिए उन्हें माफ कर दिया जाए.

उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, इस वर्ष मैंने जिन्हें भी ठेस पहुंचाई है, मैं उनसे माफी मांगता हूं साथ ही इसे और बेहतर बनने की कोशिश करूंगा. जिस तरह मेरे काम का इस्तेमाल लोगों में फूट डालने के लिए किया गया, उसके लिए मैं माफी चाहता हूं, मैं बेहतर काम करने की कोशिश करूंगा.

न्‍यूजफीड के लॉन्‍च पर मांगी थी माफी

फेसबुक ने जब newsfeed फीचर शुरू किया था तो कई लोगों को यह उनके प्राइवेसी में दखल लगा. इस पर मार्क जकरबर्ग ने पोस्‍ट ल‍िखकर माफी मांगी और कहा क‍ि यह उनकी तरफ से बड़ी गलती थी, लोगों को इसकी जानकारी एडवांस में दी जानी चाहिए थी.

बिकन लॉन्‍च पर भी बोला था सॉरी

यूजर्स की पूरे वेब पर एक्‍ट‍िव‍िटी ट्रैक करने के लि‍ए फेसबुक ने Beacons बनाया था. इस फीचर में सभी को उनकी इजाजत के बगैर जोड़ ल‍िया गया था. मार्क जकरबर्ग ने इसके लिए भी माफी मांगी. फेसबुक ने 2009 में Beacons को बाय बाय कह द‍िया.

प्राइवेसी मसले पर फेडरल ट्रेड कम‍िशन का चार्ज लगने पर

2011 में फेसबुक पर यूजर्स को प्राइवेसी को लेकर धोखे में रखने का आरोप लगा था. इस पर फेसबुक के सीईओ ने सीधे नहीं माफी मांगी थी लेकिन अपनी गलती स्‍वीकार करते हुए फेसबुक पोस्‍ट जरूर क‍िया था.

रोह‍िंग्‍या मामले पर एनजीओ से मांगी माफी

म्‍यांमार के रोह‍िंग्‍या मामले पर गलत और ह‍िंसा से भरे वायरल फोटो शेयर हो रहे थे. ऐसे में फेसबुक ने अपने उन्‍हें हटाते हुए अपने सिस्‍टम को बेस्‍ट बताते हुए क्र‍ेड‍िट ल‍िया था, हालांक‍ि बाद में मार्क जकरबर्ग ने उस एनजीओ से माफी मांगी. इसके बाद पता चला था क‍ि एनजीओ द्वारा मामले की जानकारी देने के बाद ही फेसबुक हरकत में आया था.
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22 Mar 2018

सॉरी बोलकर भी माफी मांगने से बचते रहे जकरबर्ग, कहा- मैं सबकुछ नहीं ढूंढ सकता

March 22, 2018 1

फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग ने आखिरकार डेटा लीक मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी और यूजर्स से माफी मांगी. जकरबर्ग ने सीएनएन को इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने कई ऐसी बाते कहीं हैं जिससे ऐसा लगता है ऐसे मामले सुलझाने आसान नहीं हैं.

डेटा लीक पर माफी मांग ली गई है और फेसबुक की तरफ से कहा गया है कि आगे हम इस बात का भरोसा दिलाते हैं कि ऐसा नहीं होगा. लेकिन इस इंटरव्यू से एक बात ये निकल कर आई है फेसबुक की ये ऐसी समस्या है जिसे सुलझाने में मार्क जकरबर्ग भी नाकाम हैं. दूसरी बात ये है कि मार्क जकरबर्ग इस बात को लेकर भी असमंजस में है कि फेसबुक को रेग्यूलेट नहीं किया जाना चाहिए.

इस इंटरव्यू को पूरा देखने के बाद ऐसा लगता है सॉरी बोलने के बावजूद भी जकरबर्ग माफी मांगने में नाकामयाब रहे हैं . उन्होंने इंटरव्यू के दौरान यह माना है कि फेसबुक की तरफ से गलती हुई है और इसे काफी पहले ही ठीक करना चाहिए था. मार्क जकरबर्ग ने यहां तक कहा कि हमारे पास यूजर डेटा को बचाने की जिम्मेदारी है और अगर हम ऐसा नहीं कर सकते तो हम आपके (यूजर्स) के लायक नहीं हैं.

इंटरव्यू के दौरान जकरबर्ग ने इस डेटा लीक पर लगातार ये वादा किया कि फेसबुक इस मामले पर फुल फॉरेंसिक ऑडिट करेगी और जानेगी कि कौन से ऐप्स हैं जिन्होंने 2014 से पहले बिना यूजर्स की मर्जी के उनका डेटा लिया है. कंपनी ने 2014 में ऐप पॉलिसी को मजबूत किया था. हालांकि उन्होंने अभी भी यह नहीं बताया कि और कौन सी कंपनियां या ऐप्स हैं जो ऐसा कर सकती हैं.

मार्क जकरबर्ग ने सॉरी कहा है और यह भी कहा कि कंपनी ने ऐप डेवेलपर्स को अपनी पुरानी वेबसाइट से ज्यादा यूजर्स डेटा देकर बड़ी गलती की है. उनका मानना है कि कैम्ब्रिज ऐनालिटिका जैसी कंपनी पर आंख बंद करके भरोसा करना भी एक गलती है.

फेसबुक की यह समस्या क्या मार्क जकरबर्ग भी नहीं सुलझा सकते हैं?

सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘हम 2 अरब से भी ज्यदा लोगों को सर्व करते हैं और अगर आप लोगों को शेयर करने और एक दूसरे से जुड़ने का टूल देते हैं तो मुझे लगता है कि ये सबसे अच्छी बात है. लेकिन अफसोस कुछ बुरी चीजें भी हो रही हैं, चाहे वो फर्जी खबरें हो या हेट स्पीच या फिर लोगों की भावनाएं भड़काने का काम हो.’

सीएनएन को दिए इंटरव्यू में मार्क जकरबर्ग ने इस बात पे जोर दिया की यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है और हमें ऐसा बनाना होगा जिससे ट्रोल फर्जी खबरें न फैलाएं. उन्होंने पहले कहा कि हम इसे ठीक कर सकते हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ मिनट ही बाद उन्होंने यह माना कि 2 अरब लोगों की कम्यूनिटी के साथ मैं यह वादा नहीं कर सकता की हम सबकुछ ढूंढ सकते हैं.

हालांकि मार्क जकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक सिक्योरिटी के लिए पहले से ज्यादा लोगों को रखेगा . उनके मुताबिक सिक्योरिटी के लिए 2018 के आखिर तक स्टाफ की संख्या को 15,000 से बढ़ा कर 28,000 किया जाएगा. यानी एक स्टाफ फेसबुक के 71,000 यूजर्स को मॉनिटर करने के लिए रखा जाएगा.

किसका डेटा लीक हुआ है ये जानने के लिए फेसबुक एक टूल लाएगा जिससे यूजर्स पता कर पाएंगे की उनका डेटा लीक हुआ है या नहीं.

फेसबुक और कैम्ब्रिज ऐनालिटिका डेटा लीक से जुड़ी दूसरी खबरों को पढ़ने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. यहां आपको यह भी बताया गया है कि कैसे आप अपने फेसबुक को सिक्योर रख सकते हैं.  
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डेटा लीक पर घिरे जकरबर्ग बोले- भारतीय चुनावों में नहीं होने देंगे FB का दुरुपयोग

March 22, 2018 0

अमेरिकी चुनावों में डेटा लीक पर चिंता जताते हुए फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने यह भरोसा दिया है कि अब उनकी कंपनी भारत सहित दुनिया में कहीं भी होने वाले चुनावों में डेटा से जुड़ी ईमानदारी को बनाए रखने को पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.

अमेरिकी चैनल सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में जकरबर्ग ने यह भरोसा दिया. उन्होंने यह स्वीकार किया कि रूस जैसे कई देशों ने अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की थी और उन्होंने यह भी बताया कि फेसबुक ने इन प्रयासों को नाकाम करने के लिए क्या उपाय किए थे.

भारतीय चुनावों के बारे में सवाल पर जकरबर्ग ने कहा कि फेसबुक भारत सहित सभी देशों में होने वाले चुनावों में किसी बाहरी तत्व के दखल पर अंकुश के लिए कई तरह के कदम उठा रहा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए फेसबुक ने आर्ट‍िफिशियल इंटेलीजेंस टूल से लेकर 'रसियन बॉट्स' की पहचान करने तक के उपाय किए हैं. गौरतलब है कि रसियन बॉट्स ने साल 2017 के फ्रांस के चुनाव और अमेरिका में अलबामा के सीनेट चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की थी.

भारतीय चुनाव पर खास ध्यान

जकरबर्ग ने कहा, 'यह हमारी जिम्मेदारी है. भारत पर हमारा खास ध्यान है क्योंकि वहां बड़ा चुनाव होने जा रहा है. इसके अलावा ब्राजील और कई देशों में बड़े चुनाव होने जा रहे हैं. हम वह सब कुछ करने को प्रतिबद्ध हैं जिससे फेसबुक पर इन चुनावों के बारे में ईमानदारी पूरी तरह से बची रहे.'

जकरबर्ग ने इस मुद्दे को लेकर फेसबुक पर भी एक पोस्ट लिखा है. अपने पोस्ट में उन्होंने बताया है कि कंपनी ने इस मामले में अभी तक कई कदम उठाए हैं और आगे भी कड़े कदम उठा सकती है. जकरबर्ग ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के मामले में अपनी गलती कबूली है.
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27 Feb 2018

BSNL की Nokia से साझेदारी, 3.8 करोड़ ग्राहकों को मिलेगा 4G VoLTE

February 27, 2018 0

नोकिया और BSNL (भारत संचार निगम लि.) ने एक नेटवर्क आधुनिकीकरण समझौते पर हस्ताक्षर किया है, जिसके तहत BSNL देश के पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों में 4G और वॉयस ओवर एलटीई (VoLTE) सेवाएं लॉन्च करेगी. एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी.

नोकिया देश के 10 टेलीफोन सर्किलों में टेक्नोलॉजी का विस्तार करेगी, जिसमें महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना शामिल हैं. यह सेवा BSNL के 3.8 करोड़ उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होगी.

आईएएनएस की खबर के मुताबिक, बीएसएनएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा, 'लगातार परिवर्तन और इनोवेशन की भूख हमें उत्कृष्टता की ओर ले जाती है. सबसे बेहतर उपलब्ध टेक्नोलॉजी के साथ हम श्रेणी में सबसे अच्छी नेटवर्क स्पीड, कवरेज और क्षमता प्रदान करेंगे.'

बयान में कहा गया कि नोकिया सिंगल रेडियो एक्सेस नेटवर्क (RAN) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नेटवर्क इन्स्टॉलेशन की प्रक्रिया को सरल बनाएगा, जिससे बीएसएनएल की परिचालन लागत में कमी आएगी और एक ही रेडियो यूनिट से 2G, 3G और 4G ग्राहकों को सेवाएं प्रदान की जा सकेगी. नई VoLTE सेवाएं बीएसएनएल के 4G ग्राहकों को HD क्वालिटी की वॉयस और तेज कॉल कनेक्शन प्रदान करेगा.

साल 2017 में नोकिया और बीएसएनएल ने भारतीय बाजार में 5G के विस्तार के लिए एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किया था.

नोकिया के भारतीय परिचालन प्रमुख संजय मलिक ने कहा, 'हमारी टेक्नोलॉजी के विस्तार से बीएसएनएल को नई वॉयस और डेटा सेवाएं लॉन्च करने और भारत में बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.
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करते हैं Paytm का यूज तो दो दिनों के भीतर निपटा लें यह काम

February 27, 2018 0

आप पेटीएम मोबाइल वॉलेट यूज करते हैं या फिर मोबिक्व‍िक वॉलेट के जरिये भुगतान करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. अगर आप ने इस महीने के आख‍िर तक अपने वॉलेट को वेरीफाई नहीं करवाया, तो आपको नुकसान झेलना पड़ सकता है.

दरअसल पेटीएम मोबाइल वॉलेट हो या अन्य किसी कंपनी का वॉलेट. इसके साथ ही अगर आप एयरटेल पेमेंट्स बैंक का भी इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए नो योर कस्टमर नॉर्म्स पूरा करना जरूरी है.

केवाईसी को पूरा करने के लिए आपके पास सिर्फ 28 फरवरी तक का समय है. अगर आप यह काम 28 फरवरी तक नहीं कर पाते हैं, तो इसके बाद आप अपने वॉलेट व पेमेंट्स बैंक में बैलेंस क्रेडिट नहीं कर पाएंगे.

यही नहीं, मोबाइल वॉलेट का  इस्तेमाल भी काफी सीमित हो जाएगा. भारतीय रिजर्व बैंक ने एक अध‍िसूचना जारी कर कहा है कि आख‍िरी तारीख तक भी अगर केवाईसी नॉर्म्स पूरे नहीं होते हैं, तो वॉलेट में मौजूद आपका बैलेंस खत्म नहीं होगा.

आरबीआई ने कहा है कि जो भी PPI (प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट) केवाईसी की शर्त को पूरा नहीं कर पाएंगे, उसके यूजर मौजूदा बैलेंस को आसानी से खर्च कर सकेंगे. इसके जरिये वह ऑनलाइन शॉपिंग व भुगतान भी कर सकेंगे.

हालांकि वह अपने पीपीआई में पैसे नहीं डाल पाएंगे. इसकी वजह से मौजूदा बैलेंस खत्म होने के बाद वह इसका यूज नहीं कर पाएंगे. यही नहीं, आप मोबाइल वॉलेट में मौजूदा बैलेंस को निकाल भी नहीं पाएंगे.

आरबीआई ने इसके साथ ही एक राहत दी है. उसने कहा है कि जैसे ही आप केवाईसी नॉर्म्स को पूरा कर लेंगे, आपको सभी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी

आरबीआई ने इसके साथ ही एक राहत दी है. उसने कहा है कि जैसे ही आप केवाईसी नॉर्म्स को पूरा कर लेंगे, आपको सभी सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी

किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए ये बेहतर होगा कि आप 28 फरवरी से पहले अपने मोबाइल वॉलेट का केवाईसी नॉर्म्स पूरा कर लें.

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सुब्रमण्यम स्वामी बोले- शराब नहीं बीयर पीती थीं श्रीदेवी, उनकी हत्या हुई

February 27, 2018 0

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी की मौत 24 फरवरी को रात 11 बजे हुई थी. अभी तक उनके पार्थिव शरीर को भारत लाए जाने की तस्वीर साफ नहीं हुई है. उनकी मौत की वजह सामने आने के बाद से यह मामला और गंभीर मोड़ ले रहा है. इस बीच, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया है कि श्रीदेवी की हत्या हुई है. उन्होंने कहा- श्रीदेवी शराब नहीं पीती थीं. वो बीयर पीती थीं. उनकी हत्या हुई है. मामले की जांच की जानी चाहिए.

फॉरेंसिक विभाग में रखा गया शव

दुबई पुलिस के सूत्रों ने खलीज टाइम्स को जानकारी दी है कि एक्ट्रेस का पार्थिव शरीर करीब 44 घंटे से दुबई के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेंसिक एविडेंस में रखा गया है.

जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह से एक्ट्रेस की मौत की जांच जारी है. रविवार सुबह 2.30 बजे से उनका पार्थिव शरीर दुबई के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेंसिक एविडेंस में है. 24 फरवरी की रात को एक्ट्रेस का निधन हुआ था. सोमवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुताबिक, श्रीदेवी की मौत की वजह एक्सीडेंटल है. होटल के बाथटब में डूबने से उनकी मौत हुई. उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा थी.

नहीं हुआ लेपन

ताजा जानकारी के मुताबिक श्रीदेवी के पार्थिव शरीर पर लेपन शुरू नहीं हुआ है. दरअसल, दुबई सरकारी वकील की इजाजत नहीं मिली है. लेपन में दो से तीन घंटे का वक्त लगता है.

दुबई वेडिंग में अनिल कपूर संग श्रीदेवी का आखिरी डांस, Video वायरल

अभी दुबई में कागजी कार्रवाई के कारण देरी हो रही है. अभी भी श्रीदेवी की मौत की जांच जारी ही है. पुलिस और डॉक्टर्स के बाद अब ये मामला दुबई पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (सरकारी वकील) के हाथ में है. उन्हीं की जांच पूरी होने के बाद पार्थिव शरीर को भारत लाने की मंजूरी दी जाएगी.

बोनी कपूर से हुई पूछताछ!

खलीज टाइम्स के मुताबिक, जिस दिन श्रीदेवी की मौत हुई थी उसी दिन पुलिस और बोनी कपूर के बीच बातचीत हुई थी. हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सोमवार को पुलिस ने बोनी कपूर से पूछताछ की. लेकिन दुबई पुलिस के सूत्रों ने डायरेक्टर से पूछताछ की खबरों को गलत और निराधार बताया है.

श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को देश लाने पर जारी है सस्पेंस, कागजी कार्रवाई में फंसा मामला

2-3 दिन का समय लगना संभव- नवदीप सूरी

सोमवार को यूएई में भारतीय राजदूत नवदीप सूरी ने बताया कि ऐसे मामलों में कितना समय लगता है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ऐसे मामलों में प्रक्रिया पूरी करने में 2-3 दिन का समय लगता है. हम लोकल अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं ताकि पार्थिव शरीर को जल्द भारत भेजा जा सके. हम एक्सपर्ट पर मौत का कारण निश्चय करने के लिए छोड़ देते हैं.

डूबने से हुई मौत

पहले चर्चा थी कि श्रीदेवी की मौत कार्डियक अरेस्ट की वजह से ह्रदयगति रुकने से हुई. लेकिन फोरेंसिक जांच में सामने आया कि उनकी मौत की वजह बाथटब में डूबना था. दुबई की लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बाथरूम में नियंत्रण खो देने से श्रीदेवी पानी से भरे बाथटब में गिर गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई. श्रीदेवी एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए परिवार समेत दुबई आई हुई थीं. 

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16 Feb 2018

Google लाया नया ऐप, आम आदमी भी बन सकेंगे पत्रकार!

February 16, 2018 0

Google ने लोकल खबरों में अपनी जगह बनाने के लिए एक नया ऐप लॉन्च किया है. इसका नाम Bulletin रखा गया है. इस ऐप के जरिए कोई भी यूजर्स अपने इलाके की खबरें पोस्ट कर सकेंगे.

Bulletin के जरिए यूजर्स सीधे अपने फोन से फोटो, वीडियो या मैसेज वेब में पोस्ट कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें किसी ब्लॉग या वेबसाइट की जरुरत भी नहीं महसूस होगी. Bulletin स्टोरीज पब्लिक रहेंगी और इन्हें गूगल सर्च के जरिए एक्सेस किया जा सकता है.


ऐप के संदर्भ गूगल ने कहा कि, 'ये ऐप आपके द्वारा आपके और आपके समाज के लिए स्टोरीज बनाने के लिए है. इस ऐप को उन स्टोरीज के लिए तैयार किया गया है, जो वेब पर नहीं आ पा रही हैं. फिलहाल इस ऐप को ऑकलैंड, कैलिफॉर्निया और नैशविल के यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है. यहां के लोकल यूजर्स इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

साथ ही रिपोर्ट्स बताती हैं कि यूजर्स इस ऐप के जरिए अपनी स्टोरीज को रियल टाइम में फोटो और वीडियो के साथ पोस्ट कर सकते हैं.
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कावेरी जल विवाद: कर्नाटक को राहत, SC के फैसले की 10 बड़ी बातें

February 16, 2018 0

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कावेरी जल विवाद के बारे में बड़ा फैसला दिया. सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के लिए पानी का कोटा तो घटाया लेकिन कर्नाटक सरकार को आदेश दिया कि वह तमिलनाडु के लिए 177.5 TMC पानी छोड़े. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि नदी पर किसी भी राज्य का दावा नहीं हो सकता. केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी राज्यों को पानी बंटवारा सुनिश्चित करे और फैसले को लागू कराए. फैसले की बड़ी बातें..

1. तमिलनाडु को अब 177.25 क्यूसेक पानी मिलेगा, ट्राइब्यूनल के फैसले से 15 क्यूसेक घटा दिया गया. तमिलनाडु के लिए इस फैसले को झटका माना जा रहा है.

2. कर्नाटक के पानी का कोटा बढ़ा, अब 284.75 क्यूसेक पानी मिलेगा. कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताई है.

3. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि नदी राष्ट्रीय संपत्ति है और किसी भी राज्य का दावा नहीं स्वीकार्य हो सकता है.

4. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फैसले को लागू कराने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है.

5. तमिलनाडु ने कावेरी बेसिन से तमिलनाडु को 10 टीएमसी ग्राउंड वाटर अतिरिक्त इस्तेमाल की इजाजत भी दी.

6. इससे पहले कर्नाटक ने तमिलनाडु को ये कहते हुए कावेरी का पानी देने से इंकार कर दिया था कि उनके अपने किसानों के लिए ही पानी पर्याप्त नहीं है.

7. तमिलनाडु को इस फैसले से झटका लगा है. राज्य सरकार ने कहा है कि इस फैसले के अध्ययन के बाद वे आगे की कार्रवाई तय करेंगे.

8. इस फैसले के मद्देनजर कर्नाटक तमिलनाडु बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. फैसले के बाद कर्नाटक से तमिलनाडु आने वाली बसों को बर्डर के बाहर ही रोक दिया गया.

9. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में बंगलुरु के लिए 4.75 TMC पानी मंजूर किया.

10. 137 साल पुराने कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक-तमिलनाडु और केरल आमने-सामने हैं.
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एक मैसेज और iPhone क्रैश, iOS यूजर परेशानी में..

February 16, 2018 0

iPhone यूजर्स एक बार फिर से परेशानी में हैं. पिछले साल वाली समस्या इस बार भी आ गई है. iOS 11 में एक बग मिला है और यह बग टेक्स्ट से iPhone को क्रैश कर देता है और मैसेज ऐप को आप ऐक्सेस भी नहीं कर सकते हैं. इतना ही नहीं इस बग की वजह से आप व्हाट्सऐप, फेसबुक मैसेंजर, आउटलुक और जीमेल तक ऐक्सेस बंद हो सकता है.

हैरानी की बात यह है कि इस बग में से एक टेक्स्ट ऐसा है जो भारतीय भाषा तेलुगू में किया जा सकता है . यानी तेलुगू के कुछ शब्द लिख कर iPhone  पर मैसेज करने पर यह क्रैश हो जाता है. मैसेज रिसीव होते ही iMessages क्रैश करता है और यह लोड नहीं होता है और आपको इसे ठीक करने के लिए किसी दूसरे को मैसेज करने का ऑप्शन मिलता है, लेकिन ऐसा करके भी आपको इससे आजादी मिले यह जरूरी नहीं है.

द वर्ज की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बग वाले मैसेज से पॉपुलर मैसेजिंग ऐप्स जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक और जीमेल जैसे ऐप भी क्रैश हो गए और ये डिसेबल हो गए ताकि आप इसे ओपन न कर पाएं. इसे ठीक करने का कोई सॉलिड तरीका भी नहीं है, क्योंकि इस बग वाले मैसेज को डिलीट करना भी मुश्किल है. 

यह पहला मौका नहीं है जब iOS में ऐसी समस्या आई है, बल्कि पिछले साल सिर्फ एक यूआरएल की वजह से iPhone क्रैश हो गया जिसके बाद ऐपल ने एक नया अपडेट जारी किया था.

ऐपल ने iOS में आई इस बग के बाद अब कंपनी iOS 11.3 का अपडेट जारी करेगी. इस अपडेट के साथ संभव है कि कंपनी iMessege  को डिसेबल किया जाए. यह बग इसी हफ्ते की शुरुआत में ढूंढा गया है. ऐपल ने द वर्ज से कहा है कि कंपनी जल्द ही अगला अपडेट लाएगी जिसमें इस क्रैश का समाधान दिया जाएगा.
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15 Feb 2018

भारत में आज लॉन्च हो रहा है Moto Z2 Force, नहीं टूटेगी स्क्रीन

February 15, 2018 0

चीनी स्मार्टफोन मेकर मोटोरोला आज भारत में Moto Z2 Force लॉन्च करने की तैयारी में है. यह स्मार्टफोन भारत में दोपहर 12 बजे लॉन्च किया जाएगा. हालांकि यह स्मार्टफोन लिमिटेड एडिशन होगा और आप इसका लॉन्च इवेंट लाइव स्ट्रीम देख  सकते हैं. इसस्मार्टफोन के साफ टर्बो पावर पैक मोटो मॉड भी दिया जाएगा.

Moto Z2 Force स्पेसिफिकेशन्स

Moto Z2 Force में 5.5 इंच की क्वॉड एचडी डिस्प्ले दी गई है और इसें न टूटने वाला डिस्प्ले पैनल लगाया गया है. इस स्मार्टफोन में क्वॉल्कॉम स्नैपड्रैगन 853 प्रोसेसर दिया गया है. इसके दो वेरिएंट हैं जिनमें से एक में 4GB रैम के साथ 64GB की इंटरनल मेमोरी दी गई है जबकि दूसरे वेरिएंट में 6GB रैम के साथ 128GB इंटरनल मेमोरी दी गई है . आप माइक्रो एसडी कार्ड से इसे बढ़ा भी सकते हैं.

Moto Z2 Force एंड्रॉयड के लेटेस्ट वर्जन Oreo दिया गया है. फोटोग्राफी के लिए इसमें 12 मेगापिक्सल का रियर कैमरा सेंसर दिया गया है जिसमें फेस डिटेक्शन ऑटो फोकस, लेजर ऑटो फोकस और डुअल एलईडी फ्लैश दिया गया है. सेल्फी के लिए इसमें 5 मेगापिक्सल का सेंसर दिया गया है. 

कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाईफाई, ब्लूटूथ 4.2, जीपीएस और 4G LTE जैसे स्टैंडर्ड फीचर्स दिए गए हैं. इसकी बैटरी 2,730mAh की है. भारत में इसकी कीमत क्या होगी ये तो लॉन्च के बाद ही पता चलेगा. अमेरिका में जब यह स्मार्टफोन लॉन्च हुआ था तो वहां इसकी कीमत 799 डॉलर (51,200 रुपये) है.  
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